बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर संविधान सभा कैसे पहुंचे ?, How did Baba Saheb Bhimrao Ambedkar reach the Constituent Assembly?
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
उनका जन्म 13 नवंबर 1873 को हुआ था। उन्होंने बॉम्बे (मुंबई) से एलएलबी और 1905 में लंदन से बैरिस्टर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक अधिवक्ता के रूप में अपना करियर शुरू किया।राजनीतिक और राष्ट्रीय योगदानवे हिंदू महासभा के प्रमुख संस्थापक सदस्यों में से एक थे और इसके अध्यक्ष भी रहे। उन्होंने गोलमेज सम्मेलन (Round Table Conference) में भाग लिया था। संविधान सभा में डॉ. बी.आर. अंबेडकर के लिए उन्होंने अपनी पुणे की सीट से इस्तीफा दे दिया था ताकि अंबेडकर जी संविधान सभा में पहुँच सकें। जयकर समिति (1927)भारत में सड़क परिवहन और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1927 में जयकर समिति का गठन किया गया था। इस समिति की सिफारिश पर ही पेट्रोल और डीजल पर कर लगाकर केंद्रीय सड़क निधि (CRF) की स्थापना की गई थी।
शिक्षा के क्षेत्र में कार्य
वे पुणे विश्वविद्यालय (अब सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय) के पहले कुलपति (Vice-Chancellor) थे। उन्होंने 1948 से 1956 तक इस पद को संभाला।उनके नाम पर पुणे यूनिवर्सिटी परिसर में 'जयकरLIBRARY' (जयकर पुस्तकालय) भी बनाई गई है।
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