हजारों साल पुराने मंदिर में मानव भ्रूण के विकास की नक्काशी किसने बनाई ?, Who created the carvings depicting the development of the human embryo in a temple thousands of years old?
कोंगु वडुगनाथस्वामी मंदिर (Kongu Vaduganatha Swamy Temple) तमिलनाडु के कुंडडम (Kundadam) शहर में स्थित एक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है。यह मंदिर भगवान शिव के उग्र रूप, काल भैरव को समर्पित है。 [1, 2, 3]
इस मंदिर से जुड़े मुख्य तथ्य इस प्रकार हैं:
• कोंगु की काशी: इस मंदिर को काशी (वाराणसी) के समकक्ष माना जाता है, इसलिए इसे 'कोंगु काशी' भी कहा जाता है。
• गर्भ में शिशु की नक्काशी: यह मंदिर अपनी प्राचीन मूर्तिकला के लिए काफी प्रसिद्ध है। मंदिर के खंभों पर एक 800 साल पुरानी नक्काशी है, जो आधुनिक अल्ट्रासाउंड या एक्स-रे (Ultrasound Scan) के समान माँ के गर्भ में पल रहे बच्चे (भ्रूण) के विकास की स्थिति को दर्शाती है。
• पूजा और उत्सव: नियमित पूजा के अलावा, 'देइपिराई अष्टमी' (अष्टमी तिथि) और मंगलवार को यहाँ विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं。
• समय: मंदिर रोजाना सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक खुला रहता है。 [1]
कैसे पहुँचें:यह मंदिर कुंडडम के केंद्र में स्थित है。यह पल्लाडम से धरपुरम जाने वाले मुख्य मार्ग पर पड़ता है。नजदीकी प्रमुख शहर धरपुरम (16 किमी), तिरुप्पुर (36 किमी) और कोयंबटूर (65 किमी) हैं。यदि आप ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं, तो सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन उदुमलपेट (Udumalpet) है।
